भोग में भी योग राज है, नियम संयम का हो जब साथ,सद्भभावना, सदाचरण हो, संस्कारों का हो जब साथ।
मनसा- वाचा, कर्मणा, सात्विकता हो जीवन आधार,
योग करे निरोग, आध्यात्मिकता का हो जब साथ|
अ कीर्तिवर्धन
Powered by Froala Editor
भोग में भी योग राज है, नियम संयम का हो जब साथ,Powered by Froala Editor
LEAVE A REPLY