बन सको तो
इंसान बन देखो
फर्क नही है।
हिन्दू मुस्लिम
सियासत का खेल
स्वार्थ के लिये।
हमने देखा
धर्म के ठेकेदार
खेल खेलते।
जाहिल हम
बिना सोचे समझे
पीछे भागते।
कभी किया था
धर्म परिवर्तन
किसी डर से।
जुडो जड से
वापस घर आओ
धर्म बदल।
सोचना होगा
मानवता के हित
पुजारी को भी।
धर्म से बडा
सदैव राष्ट्र होता
शास्त्रों ने कहा।
अज्ञानता ही
सबसे बडा दंश
हमारे लिये।
गीता कुरान
विज्ञान की कसौटी
परख देखो।
पूर्वाग्रह ही
विनाश के कारण
जरा विचारो।
कब तलक
हिन्दू मुस्लिम करें
इन्सान बनें।
कीर्ति वर्द्धन
लेखक समीक्षक
राष्ट्र चिन्तक
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