Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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???? करवा चौथ प्यारे पति ????


चाँद से प्यारे मेरे सजना,

तेरे बिना अधूरी हर रचना।

तू है जीवन का संगीत मेरा,

तेरे बिना सूना हर सवेरा।


करवा चौथ का आज है दिन,

सजधज कर बैठी तेरी दीन।

हाथों में मेंहंदी तेरा नाम,

सिंदूर में बसा तेरा अरमान।


तेरे दीदार की आस लगाए,

नयनों से चाँद को बुलाए।

जब दिखे तेरा मुस्कुराना,

लगता है मिल गया खजाना।


तेरे प्यार में सब कुछ पाया,

सपनों का संसार सजाया।

ईश्वर से बस यही दुआ माँगूं,

सात जन्म तेरा साथ पाऊँ।


???? "तू मेरा विश्वास, तू मेरा मान,

तेरे बिना अधूरा मेरा हर अरमान!" ????


लेखक--अनीता देवी शिक्षिका जिला- पूर्वी चंपारण बिहार



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