. हिंद की चादर :गुरु तेग बहादुर
गुरु तेग बहादुर सिक्खों के
गौरव की अमर निशानी था
त्यागी और बलिदानी था ।
हिंद की चादर तेग बहादुर
योद्धा और विचारक था
सिक्ख धर्म का नौवाॅं गुरु
संरक्षक और सुधारक था
गुरु ग्रंथ साहिब का ज्ञाता
महाकवि और ज्ञानी था ।
त्यागी और बलिदानी था ।।
मुगलों के दरबार में जा
जिसने ऐलान सुनाया था
आन ,बान और शान की खातिर
अपना शीश कटाया था
पंडितों का मान बचाया था
वह देशभक्त स्वाभिमानी था ।
त्यागी और बलिदानी था ।।
घूम-घूम कर गुरबाणी का
करता वह प्रचार रहा
शूरवीर बलवान बहादुर
सिक्खों का सरदार रहा
झुका नहीं पर टूट गया
वह निडर सेनानी था
त्यागी और बलिदानी था ।।
चाक नानकी शहर गुरु के
सपनों का वरदान बना
गुरुद्वारा शीशगंज भी
चांदनी चौक की शान बना
त्रिलोक चंद भी मान रहा
वह सच्चा हिंदुस्तानी था
त्यागी और बलिदानी था
गुरु तेग बहादुर सिक्खों के
गौरव की अमर निशानी था ।
- त्रिलोक चंद फतेहपुरी
अटेली, हरियाणा।
फोन – 9992381001
Powered by Froala Editor

LEAVE A REPLY