Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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काठमांडू नेपाल में हिंदी साहित्यकार संजय वर्मा 'दॄष्टि ' को मिला मातृभाषा रत्न सम्मान
मनावर जिला धार मप्र के सुप्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार,समाज सेवक एवं राष्ट्रीय  पत्रकार संघ भारत के प्रत्रकार  को नेपाल की राजधानी काठमांडू में मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि  से सम्मानित किया गया | यह सम्मान उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फ़रवरी के अवसर पर प्रदान किया गया | यह  गरिमामयी सम्मान नेपाल की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फ़ाउंडेशनं नेपाल-भारत मैत्री  विकास,देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं संवर्धन,हिंदी -नेपाली जैसी मैत्री  भाषाओं  के वैश्विक प्रचार -प्रसार  के साथ-साथ देश-विदेश के कवि ,लेखक ,साहित्यकार एवं शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर  पर प्रोत्साहित करना  रहा | इस अवसर पर नेपाल ,भारत सहित पांच देशों की लगभग एक हजार साहित्यिक एवं शैक्षिक प्रतिभाओं  को मातृभाषा गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया |उल्लेखनीय है कि मनावर (धार)मप्र के  श्री संजय वर्मा "दृष्टि"लेखन की दुनिया में एक प्रतिष्ठित और लोकप्रिय नाम है|जन्मस्थान 2-5-1962 उज्जैन।जल संसाधन विभाग से सेवानिवृत्त मानचित्रकार रहे। प्रथम परिचय भी नईदुनिया के "पत्र,संपादक के नाम"से ही है|आपके पत्रों की नियमितता और विशिष्टता आपको एक अलहदा मुकाम से नवाज़ा है| आपने 53 वर्षों
 से नियमित आपके सृजन से ,आप लगातार लिखने और प्रकाशित होने वाले लेखकों में हैं|
    राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित श्री संजय वर्मा"दृष्टि"  की लगभग पाँच हजार काव्य रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है|155 साझा काव्य संकलन आपकी साहित्यिक कीर्ति में नित अभिवृद्धि करते हैं|लगभग पांच दशकों से अधिक निरंतर सृजनरत श्री संजय वर्मा"दृष्टि"  आकाशवाणी और दूरदर्शन पर भी कई बार अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं| बेटी बचाओ पर आधारित अपनी प्रसिद्ध कृति"दरवाजे पर दस्तक"से दुनिया भर में लोकप्रिय हुए संजय वर्मा"दृष्टि" की रचनात्मक 'दृष्टि' बड़ी समृद्ध और व्यापक है|वर्तमान में नए संग्रह "बेटियों का आँगन", "बागेश्वर धाम" काव्य संग्रह प्रकाशित है।बेटी पर श्रंखलाबद्ध लिखी आपकी अनगिनत रचनाओं को पाठकों ने बड़े दिल से मान-सम्मान दिया है| सामाजिक,साहित्यिक संस्थाओं में अनवरत सहभागिता आपकी अभिरुचि और  सृजनशीलता को नये आयाम प्रदान करती है|।विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में गद्य-पद्य,लेख प्रकाशित होते रहे हैं,जो पाठकों के साथ अन्य लेखकों को भी निरंतर सक्रिय रहने और सृजनरत रहने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।अंतराष्ट्रीय हम हिंदुस्तानी साप्ताहिक पेपर अमेरिका.,कनाडा अफ्रीका से प्रकाशित होता है उसमे एक दिन में 23 लेख ,कविता प्रकाशित होने का रिकॉर्ड भी इनके नाम पर है|  
मुख्य कृतियाँ--'दरवाजे पर दस्तक',खट्टे मीठे रिश्ते (कहानी संग्रह),तुम मुझसे झूठ तो नहीं बोल रहे(उपन्यास) कनाडा से प्रकाशित। समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं निरन्तर रचनाओं का प्रकाशन।
मुख्य सम्मान/पुरस्कार--राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्थाओं से 961 से भी अधिक सम्मान व पुरस्कार प्राप्त। स्टार बुक ऑफ़ इंटरनेशनल से  सम्मान एवं वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड में तीन बार नाम दर्ज है।गोल्डन बुक ऑफ रिकार्ड में भी दर्ज है। इसी क्रम में संजय वर्मा 'दॄष्टि 'को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक,एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया | इस सम्मान के अवसर पर संस्था के अध्यक्ष आनंद गिरि  मायालु ने बधाई देते हुए कहा कि  शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन का उदेश्य प्रतिभाशाली  रचनाकारों  को प्रोत्साहित कर उनमें  नव ऊर्जा का संचार करना है |उन्होंने कहा कि संजय वर्मा 'दॄष्टि ' जैसे लोकप्रिय साहित्यकार ,पत्रकार,संवेदनशील कवि एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता का अंतर्राष्ट्रीय स्तर  पर सम्मानित होना अत्यंत गौरव का विषय है | उनकी कविता लेख समाज को सकारात्मक दिशा और प्रेरक संदेश देती है | संजय वर्मा 'दृष्टी 'को इस सम्म्मान की सूचना मिलते ही साहित्यिक जगत में हर्ष का वातावरण निर्मित हुआ | उनके शुभचिंतको,मित्रों  एवं साहित्यप्रेमियों ने उन्हें बधाइयां एवं शुभकामनाएं  प्रेषित की है |  




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