Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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हिंदी भाषा डॉट कॉम मंच द्वारा पद्य में संजय वर्मा"दृष्टि"को मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान

मातृभाषा हिन्दी को और लोकप्रिय बनाने के अभियान की दिशा में हिन्दीभाषा डॉट कॉम परिवार सतत स्पर्धा करा रहा है। इसी निमित्त ‘आतंक, विनाश और ज़िंदगी’ (‘पहलगाम हमला’ विशेष- २२ अप्रैल) विषय पर ९८ वीं प्रतियोगिता में गद्य में प्रथम विजेता बनने का मौका हरिहर सिंह चौहान को मिला है, तो पद्य में संजय वर्मा ‘दृष्टि’ प्रथम आए हैं।उल्लेखनीय है कि संजय वर्मा"दृष्टि" 51 वर्षो से नियमित सृजन से  लगातार लिखने और प्रकाशित होने वाले लेखक है|

    राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित श्री संजय वर्मा"दृष्टि" की लगभग पांच हजार काव्य रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है|150 साझा काव्य संकलन आपकी साहित्यिक कीर्ति में नित अभिवृद्धि करते हैं|लगभग चार दशकों से अधिक निरंतर सृजनरत श्री संजय वर्मा"दृष्टि" आकाशवाणी और दूरदर्शन पर भी कई बार अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं| बेटी बचाओ पर आधारित अपनी प्रसिद्ध कृति"दरवाजे पर दस्तक"से दुनिया भर में लोकप्रिय हुए संजय वर्मा"दृष्टि" की रचनात्मक 'दृष्टि' बड़ी समृद्ध और व्यापक है|वर्तमान में नए संग्रह "बेटियों का आँगन", "बागेश्वर धाम" काव्य संग्रह प्रकाशित है।बेटी पर श्रंखलाबद्ध लिखी आपकी अनगिनत रचनाओं को पाठकों ने बड़े दिल से मान-सम्मान दिया है| सामाजिक,साहित्यिक संस्थाओं में अनवरत सहभागिता आपकी अभिरुचि और  सृजनशीलता को नये आयाम प्रदान करती है|।विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में गद्य-पद्य,लेख प्रकाशित होते रहे हैं,जो पाठकों के साथ अन्य लेखकों को भी निरंतर सक्रिय रहने और सृजनरत रहने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।अंतराष्ट्रीय हम हिंदुस्तानी साप्ताहिक पेपर अमेरिका.,कनाडा अफ्रीका से प्रकाशित होता है उसमे एक दिन में 23  लेख ,कविता प्रकाशित होने का रिकॉर्ड भी इनके नाम पर है।मुख्य सम्मान/पुरस्कार--राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्थाओं से 736 से भी अधिक सम्मान व पुरस्कार प्राप्त। गोल्डन बुक ऑफ़ रिकार्ड ,स्टार बुक ऑफ़ इंटरनेशनल से  सम्मान एवं वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड में तीन बार नाम दर्ज है।

परिणाम जारी करते हुए मंच-परिवार की सह-सम्पादक श्रीमती अर्चना जैन और संस्थापक-सम्पादक अजय जैन ‘विकल्प’ ने सभी रचनाशिल्पियों को हार्दिक बधाई दी है। श्रीमती जैन ने बताया कि प्राप्त रचनाओं में से श्रेष्ठता अनुरुप निर्णायक मंडल ने गद्य में ‘अब विश्व देखेगा भारत की ताकत’ के लिए श्री चौहान (इन्दौर, मप्र) को प्रथम चुना है। ऐसे ही द्वितीय स्थान ‘आतंक का विनाश ही सुरक्षित ज़िंदगी’ आलेख हेतु डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ (जमशेदपुर, झारखण्ड) एवं ‘आतंक की घाटी में लहूलुहान उम्मीदें’ पर तीसरा स्थान डॉ. मुकेश ‘असीमित’ (गंगापुर सिटी, राजस्थान) को दिया गया है।

आपने बताया कि मंच संयोजक प्रो.डॉ. सोनाली सिंह, मार्गदर्शक डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ (दिल्ली), परामर्शदाता डॉ. पुनीत द्विवेदी (मप्र), विशिष्ट सहयोगी एच.एस. चाहिल व प्रचार प्रमुख श्रीमती ममता तिवारी ‘ममता’ (छग) ने सभी विजेताओं एवं सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है। श्रीमती जैन ने बताया कि, हिंदी साहित्य अकादमी (मप्र) से अभा नारद मुनि पुरस्कार-सम्मान एवं १ राष्ट्रीय कीर्तिमान प्राप्त १.५५ करोड़ दर्शकों-पाठकों के अपार स्नेह और १० सम्मान पाने वाले इस मंच द्वारा आयोजित इस स्पर्धा में पद्य वर्ग में पहला स्थान ‘कब तक सहेंगे…?’ कविता पर संजय वर्मा‘दृष्टि’ (मनावर, मप्र) ने पाया है, तो गोपाल मोहन मिश्र (दरभंगा, बिहार) अपनी रचना ‘खून बहाकर पियोगे सिंधु का पानी ?’ के लिए दूसरे विजेता बनने में सफल रहे हैं। इसी वर्ग में ‘हे! जल-दूत कह दो जा के…’ पर सौ. निशा बुधे झा ‘निशामन’ (जयपुर, राजस्थान) को स्पर्धा का तृतीय विजेता चयनित किया गया है।मंच ने उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की जाकर बधाई दी है। 

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